BED BTC OUT FOR PRIMARY TEACHER

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BED BTC Out For Primary Teachers Vacancy

Date Of Post:- 09/08/2023

-: short notes :-

BED Out For Primary Teachers short notes :-

बीएड और बीटीसी करने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी बुरी खबर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्राथमिक शिक्षक के लिए सिर्फ बीटीसी अभ्यर्थी ही पात्र

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्राथमिक शिक्षक के लिए सिर्फ बीटीसी अभ्यर्थी ही पात्र

भारत सरकार की ओर से दायर एक याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है बीएड करने वाले सभी अभ्यर्थी अब प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की दावेदारी से बाहर हो गए हैं और इस फैसले से जुड़ी सभी  प्रमुख बातें हम आपको नीचे बता रहे हैं. यह फैसला बीएड और बीटीसी (BTC) करने वाले उन अभ्यर्थियों के लिए है जो शिक्षक बनने की राह पर चल रहे थे. आइए आपको बताते हैं पूरा अपडेट और सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया है..

बीएड बनाम बीटीसी: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

एनसीटीई ने बीएड  डिग्री धारियों के लिए साल 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था.  बीएड डिग्री धारकों को भी प्राथमिक भर्ती  के लिए पात्र माना गया। NCTE ने यह भी कहा था कि यदि B.Ed. अगर डिग्री धारक   शिक्षक पात्रता परीक्षा एवं मुख्य परीक्षा में पास हो जाते हैं तो उन्हें अपॉइंटमेंट के साथ 6 महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा। तदुपरांत प्राथमिक शिक्षक भर्ती के अध्यापक के लिए मान्य हो जाएंगे

b.ed not eligible for primary teacher

दरअसल, बीएड बनाम बीटीसी डीएलएड (बीटीसी/डीएलएड) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के पुराने फैसले को बरकरार रखते हुए प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए बीएड किए हुए अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित कर दिया है. इस फैसले के आने से बीएड (B.Ed)  योग्यता धारी उम्मीदवार  का भविष्य अंधकारमय हो गया है और उनके अंतर्मन में एक बड़ा भूचाल आ गया है और अब इस  निर्णय पर भी एक बड़ी बहस शुरू हो  गई है, राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले कि बीएड अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक की दावेदारी से बाहर रहेंगे, पर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने  ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर सही का मोहर लगा दिया है, 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीएड करने वाले सभी अभ्यर्थी जो प्राइमरी शिक्षक बनने का  सपना संजोए हुए थे अब प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की दावेदारी से बाहर हो गए हैं और  बीएड डिग्री धारक प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक नहीं बन पाएंगे. यह फैसला सभी भारतीय राज्य के लिए मान्य होगा. लेकिन बीएड और बीटीसी अभ्यर्थियों के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह बड़ा फैसला कहीं न कहीं दूरगामी परिणाम के तौर पर सामने आ सकता है. यहां यह कहना स्पष्ट है कि बीएड करने वाले अभ्यर्थी अब प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक नहीं बन सकेंगे और बीटीसी डिग्री धारक करने वाले अभ्यर्थी ही प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर सकेंगे।

 सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का असर अब हो रही बिहार शिक्षक भर्ती पर भी पड़ेगा और संभवत  बिहार शिक्षक बोर्ड अपने शिक्षक भर्ती विज्ञापन में संशोधन करेगा और संभवत बीएड डिग्री धारकों को बिहार शिक्षक भर्ती प्राइमरी भर्ती में सम्मिलित नहीं होने दिया जाएगा,

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